सरकार आपके गूगल अकाउंट के भीतर ताक-झांक में लगी है, जी हां, आपके जीमेल, यूट्यूब, गूगल मैप और गूगल से जुड़ी तमाम सर्विस आपके बारे में बहुत से भेद खोल सकती हैं, इसलिए जरा सावधान हो जाइए,

गूगल ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि भारत से लोगों के अकाउंट के बारे में जानकारी मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| इस वर्ष पहले छह महीने में यानी जनवरी से जून के बीच में ही भारत से 6393 अकाउंट के बारे में जानकारी मांगी गई, जिसमें सरकारी एजेंसियां, कोर्ट और अन्य एजेंसियां शामिल थीं, इनमें से आधे से कुछ ज्यादा अकाउंट के बारे में गूगल ने कुछ जानकारी मुहैया करायीं|
गूगल हर दो साल बाद एक ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी करता है, जिसमें इस बात का खुलासा किया जाता है कि दुनिया भर में किस देश से कितने लोगों के बारे में क्या-क्या जानकारी मांगी गयी|
पिछले साल इन्हीं महीनों के दौरान मांगी गयी जानकारी के मुकाबले 391 ज्यादा लोगों के बारे में जानकारी मांगी गयी| गूगल की रिपोर्ट दिखाती है कि साल दर साल गूगल से जानकारी मांगने की संख्या बढ़ती जा रही है|
गौरतलब है कि गूगल ने 2009 से ये रिपोर्ट प्रकाशित करनी शुरू की है, जिसमें इस बात का खुलासा होता है कि किस सरकार ने कितने लोगों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन लोगों के गूगल अकाउंट के भीतर छिपी जानकारी के खजाने पर सिर्फ भारत सरकार की ही नजर लगी हो ऐसा नहीं है| गूगल की रिपोर्ट बताती है कि पूरी दुनिया से 2017 के पहले छह महीनों में 48,941 बार गूगल अकाउंट के बारे में जानकारी मांगी गयी|